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POTS और हाइपोग्लाइसीमिया के बीच संबंध को समझें। जानें कि उनके लक्षण कैसे मिलते-जुलते हैं, और सही निदान और उपचार कैसे प्राप्त करें।

क्या आपने कभी सोचा है कि कभी-कभी आपको चक्कर, कमजोरी या दिल की धड़कनें तेज महसूस होती हैं, खासकर खाने के बाद? ये लक्षण हाइपोग्लाइसीमिया (रक्त शर्करा का निम्न स्तर) के हो सकते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये पोस्टुरल ऑर्थोस्टैटिक टैकीकार्डिया सिंड्रोम (POTS) के भी लक्षण हो सकते हैं? हालांकि ये दोनों स्थितियां अलग हैं, लेकिन इनके लक्षण काफी मिलते-जुलते हो सकते हैं, जिससे कभी-कभी भ्रम हो सकता है। इस ब्लॉग में, हम POTS और हाइपोग्लाइसीमिया के बीच के संबंध को विस्तार से समझेंगे, यह जानेंगे कि वे कैसे जुड़े हैं, और उनके लक्षणों को कैसे पहचाना जाए।
पोस्टुरल ऑर्थोस्टैटिक टैकीकार्डिया सिंड्रोम (POTS) एक जटिल स्थिति है जो स्वायत्त तंत्रिका तंत्र (autonomic nervous system) को प्रभावित करती है। स्वायत्त तंत्रिका तंत्र हमारे शरीर के अनैच्छिक कार्यों को नियंत्रित करता है, जैसे हृदय गति, रक्तचाप, पाचन और शरीर का तापमान। POTS में, खड़े होने पर हृदय गति असामान्य रूप से बढ़ जाती है, जबकि रक्तचाप में महत्वपूर्ण परिवर्तन नहीं होता है।
ये लक्षण खड़े होने पर बिगड़ जाते हैं और लेटने पर सुधर जाते हैं। POTS का कारण अभी भी पूरी तरह से समझा नहीं गया है, लेकिन यह अक्सर वायरल संक्रमण, सर्जरी, गर्भावस्था या अन्य चिकित्सा स्थितियों के बाद विकसित हो सकता है।
हाइपोग्लाइसीमिया, जिसे निम्न रक्त शर्करा भी कहा जाता है, एक ऐसी स्थिति है जिसमें रक्त में ग्लूकोज (शर्करा) का स्तर सामान्य से बहुत कम हो जाता है। ग्लूकोज हमारे शरीर की कोशिकाओं के लिए ऊर्जा का मुख्य स्रोत है, और इसका निम्न स्तर कई शारीरिक कार्यों को प्रभावित कर सकता है।
हाइपोग्लाइसीमिया के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें मधुमेह के लिए ली जाने वाली कुछ दवाएं, बहुत कम भोजन करना, अत्यधिक व्यायाम करना, या कुछ अंतर्निहित चिकित्सा स्थितियां शामिल हैं।
POTS और हाइपोग्लाइसीमिया के बीच संबंध सीधा नहीं है, लेकिन कुछ महत्वपूर्ण ओवरलैप हैं:
जैसा कि ऊपर बताया गया है, दोनों स्थितियों के लक्षण काफी मिलते-जुलते हो सकते हैं, जैसे चक्कर आना, कमजोरी, दिल की धड़कनें तेज होना और थकान। इस समानता के कारण, कभी-कभी एक स्थिति का गलत निदान दूसरी स्थिति के रूप में हो सकता है।
कुछ अध्ययनों से पता चला है कि POTS वाले व्यक्तियों में इंसुलिन संवेदनशीलता कम हो सकती है। इसका मतलब है कि उनका शरीर रक्त शर्करा को कुशलता से संसाधित करने में संघर्ष कर सकता है, खासकर कार्बोहाइड्रेट युक्त भोजन खाने के बाद। यह स्थिति रक्त शर्करा के स्तर में उतार-चढ़ाव का कारण बन सकती है, जो हाइपोग्लाइसीमिया के लक्षणों जैसा दिख सकता है।
POTS को कभी-कभी एक द्वितीयक स्थिति माना जाता है, जिसका अर्थ है कि यह किसी अन्य अंतर्निहित चिकित्सा स्थिति के कारण हो सकती है। शोध से पता चला है कि मधुमेह (विशेष रूप से टाइप 1 और टाइप 2) वाले व्यक्तियों में POTS विकसित होने का खतरा अधिक होता है। मधुमेह रक्त शर्करा के स्तर को प्रभावित करता है और तंत्रिका क्षति का कारण बन सकता है, जो स्वायत्त तंत्रिका तंत्र को प्रभावित कर सकता है और POTS के विकास में योगदान कर सकता है।
कुछ POTS रोगी उच्च कार्बोहाइड्रेट वाले भोजन खाने के बाद चक्कर आना, थकान या बेहोशी महसूस करने की शिकायत करते हैं। ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि कार्बोहाइड्रेट का सेवन शरीर में हार्मोनल प्रतिक्रियाओं को ट्रिगर कर सकता है जो रक्त प्रवाह को प्रभावित करते हैं। जब आप ग्लूकोज का सेवन करते हैं, तो यह एक हार्मोन जारी करता है जो आंत में रक्त वाहिकाओं को फैलाता है। यह फैलाव हृदय द्वारा पंप किए जाने वाले रक्त की मात्रा को कम कर सकता है, जिससे हृदय को क्षतिपूर्ति के लिए तेजी से धड़कना पड़ता है।
नहीं, POTS सीधे हाइपोग्लाइसीमिया का कारण नहीं बनता है। POTS में जो लक्षण हाइपोग्लाइसीमिया जैसे लगते हैं, वे मुख्य रूप से स्वायत्त तंत्रिका तंत्र के डिसफंक्शन (dysautonomia) के कारण होते हैं, जो शरीर के अनैच्छिक कार्यों को नियंत्रित करता है। दूसरी ओर, हाइपोग्लाइसीमिया के लक्षण वास्तव में रक्त शर्करा के निम्न स्तर के कारण होते हैं।
हालांकि, POTS वाले कुछ व्यक्तियों में इंसुलिन प्रतिरोध या रक्त शर्करा विनियमन में समस्याएं हो सकती हैं, जो कभी-कभी निम्न रक्त शर्करा के एपिसोड का कारण बन सकती हैं। लेकिन यह सभी POTS रोगियों के लिए सच नहीं है।
यदि आपको POTS या हाइपोग्लाइसीमिया के लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो सटीक निदान के लिए डॉक्टर से परामर्श करना महत्वपूर्ण है। निदान प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं:
POTS और हाइपोग्लाइसीमिया का उपचार उनके अंतर्निहित कारणों और गंभीरता पर निर्भर करता है।
हालांकि POTS और हाइपोग्लाइसीमिया को पूरी तरह से रोकना हमेशा संभव नहीं होता है, लेकिन कुछ कदम उठाए जा सकते हैं:
यदि आप निम्नलिखित में से कोई भी लक्षण अनुभव करते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें:
निष्कर्ष:
POTS और हाइपोग्लाइसीमिया दो अलग-अलग स्थितियां हैं, लेकिन उनके लक्षण समान हो सकते हैं और वे कुछ तरीकों से जुड़े भी हो सकते हैं, खासकर इंसुलिन संवेदनशीलता और मधुमेह के संबंध में। यदि आप इन लक्षणों का अनुभव कर रहे हैं, तो घबराएं नहीं। एक योग्य स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर से परामर्श करना महत्वपूर्ण है जो आपकी स्थिति का सटीक निदान कर सके और आपके लिए सबसे उपयुक्त उपचार योजना विकसित कर सके। सही जानकारी और प्रबंधन के साथ, आप इन स्थितियों के साथ एक स्वस्थ और सक्रिय जीवन जी सकते हैं।
This section adds practical context and preventive advice to help readers make informed healthcare decisions. It is important to verify symptoms early, consult qualified doctors, and avoid self-medication for persistent health issues.
Maintaining healthy routines, following prescribed treatment plans, and attending regular checkups can improve outcomes. If symptoms worsen or red-flag signs appear, immediate medical evaluation is recommended.
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